साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति और नैपकिन की कितनी राशि मिलती है?
सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि विद्यार्थियों को अलग-अलग योजनाओं के तहत कितनी राशि मिलती है।
साइकिल की राशि के रूप में ₹3,000 दिए जाते हैं। यह राशि कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए होती है।
पोशाक की राशि, जिसे ड्रेस की राशि भी कहा जाता है, कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलती है। अलग-अलग कक्षाओं के लिए राशि अलग-अलग हो सकती है। कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए पोशाक की राशि ₹1,500 बताई गई है।
छात्रवृत्ति की राशि की बात करें तो कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए पहले ₹1,800 की राशि बताई जाती थी। अब इसमें बढ़ोतरी के बाद ₹3,600 की राशि मिलने की बात कही गई है।
नैपकिन की राशि कक्षा 7 से 12 तक की छात्राओं को दी जाती है। इसकी राशि ₹300 बताई गई है।
कक्षा 9 के विद्यार्थियों को कितनी राशि मिल सकती है?
कक्षा 9 के विद्यार्थियों को अलग-अलग योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि को जोड़ने पर पहले कुल राशि ₹6,600 बताई गई थी। इसमें छात्रवृत्ति की राशि में ₹1,800 की बढ़ोतरी के बाद यह राशि ₹8,400 तक हो जाती है।
कक्षा 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों को कितनी राशि मिल सकती है?
कक्षा 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की राशि में बढ़ोतरी के बाद ₹3,600 की राशि बताई गई है। इसके अनुसार इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को अलग-अलग योजनाओं के अनुसार मिलने वाली राशि का लाभ दिया जाता है।
हालांकि, विद्यार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी योजना की राशि और पात्रता संबंधित सरकारी निर्देशों के अनुसार ही निर्धारित होती है।
साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति का पैसा कैसे मिलता है?
अब सबसे महत्वपूर्ण बात समझ लेते हैं कि विद्यार्थियों के खाते में यह पैसा कैसे आता है। इसके लिए विद्यार्थियों का नाम संबंधित पोर्टल पर दर्ज होना जरूरी है।
जब विद्यार्थी स्कूल में नामांकन लेते हैं, तो उनके नाम और जरूरी विवरण की एंट्री विभाग के ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर की जाती है। इसमें विद्यार्थी की आवश्यक जानकारी के साथ बैंक अकाउंट और आधार से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाती है।
DBT के माध्यम से राशि प्राप्त करने के लिए बैंक अकाउंट का आधार से सीड होना भी महत्वपूर्ण है। आधार सीडिंग की स्थिति में पात्र विद्यार्थी के आधार से जुड़े बैंक अकाउंट में राशि भेजी जाती है।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नाम दर्ज होना क्यों जरूरी है?
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के विद्यार्थियों के लिए सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि स्कूल की तरफ से उनका नाम ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज किया गया है या नहीं।
विद्यार्थी स्वयं ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपना नाम दर्ज नहीं कर सकते। यह प्रक्रिया स्कूल प्रशासन की तरफ से की जाती है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने स्कूल से इसकी जानकारी लेनी चाहिए।
पहले जब यह प्रक्रिया मेधासॉफ्ट पोर्टल के माध्यम से होती थी, तब विद्यार्थियों को अपना नाम और भुगतान से संबंधित स्थिति देखने की सुविधा मिलती थी। अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होने के कारण विद्यार्थियों को अपने स्कूल से जानकारी लेनी पड़ सकती है।
75 प्रतिशत उपस्थिति भी जरूरी
साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति और नैपकिन जैसी योजनाओं की राशि प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण है। संबंधित अवधि के आधार पर विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति की जांच की जाती है।
स्कूल की तरफ से विद्यार्थियों के नाम के सामने 75 प्रतिशत उपस्थिति से संबंधित कॉलम में Yes या No दर्ज किया जाता है। यदि विद्यार्थी की निर्धारित उपस्थिति पूरी है तो उसके नाम के सामने Yes दर्ज किया जाता है।
यदि निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं है तो संबंधित रिकॉर्ड में No दर्ज किया जा सकता है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से स्कूल जाना जरूरी है।
2026-27 के विद्यार्थियों का पैसा कब मिलेगा?
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के विद्यार्थियों की राशि के लिए स्कूल स्तर पर नाम और अन्य जरूरी जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद विभाग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान किया जाता है।
अभी कई स्कूलों में विद्यार्थियों का डेटा अपडेट होने की प्रक्रिया चल सकती है। खासकर जिन कक्षाओं में नामांकन की प्रक्रिया हाल में पूरी हुई है, वहां सभी विद्यार्थियों का डेटा एक साथ अपडेट होने में समय लग सकता है।
इसलिए विद्यार्थियों को अभी अपने स्कूल से यह जरूर पता कर लेना चाहिए कि उनका नाम ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज हुआ है या नहीं और उनके रिकॉर्ड में जरूरी जानकारी सही है या नहीं।
पैसा मिलने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
- स्कूल की तरफ से आपका नाम ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए।
- आपकी जरूरी जानकारी स्कूल रिकॉर्ड में सही होनी चाहिए।
- आपका बैंक अकाउंट आधार से सीड होना चाहिए।
- आपकी निर्धारित उपस्थिति पूरी होनी चाहिए।
- स्कूल की तरफ से 75 प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर आपके रिकॉर्ड में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
विद्यार्थी क्या करें?
अगर आप शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ रहे हैं, तो सबसे पहले अपने स्कूल से संपर्क करें और पूछें कि आपका नाम ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज किया गया है या नहीं।
इसके साथ ही अपने आधार कार्ड और बैंक अकाउंट की जानकारी सही रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक अकाउंट आधार से सीड है। नियमित रूप से स्कूल जाने पर भी विशेष ध्यान दें, क्योंकि निर्धारित उपस्थिति पूरी होना जरूरी हो सकता है।
महत्वपूर्ण लिंक
निष्कर्ष
बिहार में कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति और नैपकिन जैसी विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है। इन योजनाओं की राशि DBT के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों के बैंक अकाउंट में भेजी जाती है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के विद्यार्थियों के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नाम दर्ज होना, बैंक अकाउंट का आधार से सीड होना और निर्धारित उपस्थिति पूरी होना महत्वपूर्ण है। इसलिए विद्यार्थी अपने स्कूल से इन सभी बातों की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
Shahdab Alam