अगर आप किसान हैं और अपनी जमीन पर बांस की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए राष्ट्रीय बांस मिशन योजना उपयोगी हो सकती है। बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए Bamboo Farming Subsidy का ऑनलाइन आवेदन पेज उपलब्ध कराया है।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को बांस की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और रोजगार के नए अवसर बढ़ाना है। इसके तहत निजी जमीन पर बांस लगाने के लिए सहायता अनुदान देने का प्रावधान है। बिहार के आधिकारिक पोर्टल पर 10 से 50 डिसमिल तक जमीन का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, हर किसान को मिलने वाली सब्सिडी की निश्चित राशि आवेदन पेज पर स्पष्ट नहीं दी गई है। आइए जानते हैं योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन करने का तरीका।
Bamboo Farming Subsidy 2026-27: मुख्य जानकारी
- योजना का नाम: राष्ट्रीय बांस मिशन योजना
- वित्तीय वर्ष: 2026-27
- संबंधित विभाग: उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार
- न्यूनतम जमीन: 10 डिसमिल
- अधिकतम जमीन: 50 डिसमिल
- लाभ देने का आधार: पहले आओ, पहले पाओ
- आवेदन का तरीका: ऑनलाइन
- आधिकारिक वेबसाइट: https://horticulture.bihar.gov.in/
Bamboo Farming Subsidy 2026-27 क्या है?
राष्ट्रीय बांस मिशन केंद्र सरकार की योजना है। इसका उद्देश्य बांस की खेती को बढ़ावा देना और बांस से जुड़े कारोबार को आगे बढ़ाना है। बांस का उपयोग फर्नीचर, टोकरी, अगरबत्ती की तीलियां, हस्तशिल्प और निर्माण सामग्री बनाने में किया जाता है। इससे किसानों को खेती का एक नया विकल्प मिल सकता है।
बिहार में इस योजना के तहत निजी जमीन पर अधिक घनत्व में बांस लगाने के लिए सहायता अनुदान का प्रावधान है। अधिक घनत्व में बांस लगाने का मतलब है कि तय नियमों के अनुसार एक निश्चित जमीन पर बांस के पौधे लगाए जाते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार के आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए नियमों का पालन करना होगा।
बांस की खेती पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
बांस की खेती शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि सरकार कितनी आर्थिक सहायता देगी। राष्ट्रीय बांस मिशन के नियमों के अनुसार, कुछ गतिविधियों में तय लागत का एक हिस्सा सहायता के रूप में दिया जा सकता है। लेकिन सहायता की दर खेती के प्रकार और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
बिहार के 2026-27 के आवेदन पेज पर बांस लगाने के लिए सहायता अनुदान का उल्लेख है। हालांकि, हर किसान को मिलने वाली निश्चित राशि वहां स्पष्ट नहीं बताई गई है। इसलिए ₹50,000 या ₹1 लाख की सब्सिडी मिलने का दावा बिना आधिकारिक पुष्टि के सही नहीं माना जाना चाहिए। आवेदन से पहले अपने जिला उद्यान कार्यालय से सहायता की राशि और भुगतान की शर्तें जरूर पूछें।
बिहार के किन 21 जिलों में योजना लागू है?
बिहार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, राष्ट्रीय बांस मिशन योजना 2026-27 इन 21 जिलों में लागू की जानी है:
- अररिया
- बांका
- बेगूसराय
- भागलपुर
- दरभंगा
- पूर्वी चंपारण
- गोपालगंज
- जमुई
- कटिहार
- खगड़िया
- किशनगंज
- लखीसराय
- मधेपुरा
- मुजफ्फरपुर
- पूर्णिया
- सहरसा
- समस्तीपुर
- सिवान
- सुपौल
- वैशाली
- पश्चिम चंपारण
इन जिलों में जमीन होने पर किसान योजना की शर्तों के अनुसार अपनी पात्रता जांच सकते हैं। केवल इन जिलों में रहने से सब्सिडी मिलना पक्का नहीं होता।
कितनी जमीन और कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?
आधिकारिक आवेदन पेज पर निजी जमीन पर बांस लगाने के लिए न्यूनतम 10 डिसमिल और अधिकतम 50 डिसमिल जमीन का उल्लेख है। आवेदन के लिए जमीन के मालिकाना हक का वैध प्रमाण देना जरूरी है। पोर्टल पर इन दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है:
- भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र
- दो वर्ष पूर्व से अद्यतन राजस्व रसीद
- ऑनलाइन अद्यतन राजस्व रसीद
- वंशावली के आधार पर वैध जमीन संबंधी प्रमाणपत्र
आवेदन करते समय पोर्टल पर मांगे गए दस्तावेज ही जमा करें। दस्तावेजों की फोटो या PDF साफ होनी चाहिए, ताकि उनकी जांच में परेशानी न हो।
क्या पति और पत्नी दोनों लाभ ले सकते हैं?
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, एक परिवार में पति और पत्नी दोनों योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए दोनों के नाम पर अलग-अलग पंजीकृत जमीन और जमीन के अलग-अलग मालिकाना प्रमाणपत्र होने चाहिए। अंतिम मंजूरी योजना के नियमों के अनुसार होगी।
Bamboo Farming Subsidy Online Apply 2026-27: आवेदन कैसे करें?
बिहार के किसान नीचे दिए गए चरणों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
स्टेप 1: सबसे पहले राष्ट्रीय बांस मिशन के आधिकारिक आवेदन पेज पर जाएं।
स्टेप 2: योजना की जानकारी पढ़ें और अपने जिले तथा जमीन की पात्रता जांचें।
स्टेप 3: आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी सही-सही भरें।
स्टेप 4: जमीन के मालिकाना हक से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
स्टेप 5: फॉर्म में भरी गई जानकारी को दोबारा जांचें।
स्टेप 6: वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार आवेदन जमा करें।
स्टेप 7: आवेदन संख्या या रसीद मिले, तो उसे सुरक्षित रख लें।
ध्यान रखें कि आवेदन जमा करना और सब्सिडी मंजूर होना अलग-अलग बातें हैं। विभाग दस्तावेजों और पात्रता की जांच के बाद ही सहायता देने का फैसला करेगा।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
योजना में लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर देने की जानकारी दी गई है। इसलिए इच्छुक किसान आवेदन में बेवजह देरी न करें। लेकिन जल्दी आवेदन करने से लाभ मिलने की गारंटी नहीं है। बांस की खेती शुरू करने से पहले अपने क्षेत्र में बांस की मांग, पौधों की किस्म और खेती की लागत के बारे में जानकारी लें। बांस तैयार होने और बिक्री से कमाई मिलने में समय लग सकता है।
सब्सिडी की रकम के बारे में केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। आवेदन से जुड़ी परेशानी होने पर अपने जिला उद्यान कार्यालय से मदद लें।
Bamboo Farming Subsidy 2026-27: आधिकारिक लिंक
- ऑनलाइन आवेदन: https://horticulture.bihar.gov.in/HortMIS/OtherCS/OnlineAppBamboo.aspx
- उद्यान निदेशालय, बिहार: https://horticulture.bihar.gov.in/
- राष्ट्रीय बांस मिशन के दिशा-निर्देश: https://horticulture.bihar.gov.in/HortMIS/OtherCS/NBM/Documents/SchemeDocuments/NBM_Guideline_2025.pdf
Bamboo Farming Subsidy 2026-27 बिहार के उन किसानों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो बांस की खेती शुरू करना चाहते हैं। योजना के तहत 21 जिलों में निजी जमीन पर 10 से 50 डिसमिल तक बांस लगाने के लिए सहायता अनुदान का प्रावधान है। आवेदन करने से पहले जमीन के दस्तावेज, जिले की पात्रता और सब्सिडी की शर्तें जरूर जांचें। सही जानकारी और आवेदन के लिए बिहार के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।